महाराष्ट्र राजनीति में हड़कंप मचाने वाली पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत के मामले को एनसीपी नेता अमोल मिटकरी ने तूल दिया है। मंगलवार को उन्होंने सीएम देवेंद्र फडणवीस से मिलकर इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई। 28 जनवरी की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पत्रकारों से बातचीत में मिटकरी ने खुलासा किया, एनसीपी कार्यकर्ताओं ने सीएम के समक्ष पूरा मामला रखा। वह वीएसआर फ्लाइट खराब हालत में थी, वीआईपी के लिए अयोग्य। अजित पवार उसमें थे और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हम उच्च जांच चाहते हैं। फडणवीस ने सीआईडी जांच का जिक्र किया, मगर राज्य को पूर्ण संतुष्टि चाहिए।
मिटकरी के अनुसार, सीएम भावुक नजर आए, क्योंकि अजित उनका करीबी दोस्त और महायुति का मजबूत स्तंभ थे। उन्होंने सुनेत्रा पवार को भाई का सहारा बनने और गहन जांच का आश्वासन दिया। मौत का पूरा रहस्य उजागर हो।
व्यक्तिगत अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा, अजित के साथ 12 उड़ानें कीं। वे सतर्कता के पर्याय थे—मौसम, फ्लाइट की स्थिति जांचते, असुरक्षित तो रद्द कर देते। ऐसे में यह फ्लाइट कैसे?
शरद पवार के बयान पर सफाई देते हुए मिटकरी बोले, घटनावकाश पर सीनियर नेता ने स्थिति संभालने को कहा। बेटे की मौत के दुख में बवाल रोकना उनका प्रयास था। अब सच्चाई ही न्याय है।
मिटकरी की यह पहल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। जांच से न केवल रहस्य सुलझेगा बल्कि सुरक्षा मानकों पर बहस छिड़ेगी। महाराष्ट्र न्याय की प्रतीक्षा में है।