पूर्व सेना प्रमुख नरवणे के संस्मरण को लेकर संसद में ठप्पी के दौर में राहुल गांधी ने पेंगुइन और सरकार को आड़े हाथों लिया। मंगलवार को सदन स्थगित होने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘पेंगुइन या सेना प्रमुख, किस पर यकीन करें?’ उनका आरोप है कि भाजपा किताब के ‘असुविधाजनक खुलासों’ को छिपाने की साजिश रच रही।
गांधी ने अमेजन पर किताब उपलब्ध होने का दावा किया, जिसे पेंगुइन ने नकारा। नरवणे की 2023 की सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए कहा कि गलवान 2020 की सच्चाई उजागर करने वाली यह किताब सबके लिए खुली है। ‘क्लिक करें और पढ़ें।’
एक सप्ताह से ज्यादा समय से लोकसभा में हंगामा जारी है। विपक्ष चर्चा पर अड़ा, सरकार अवरोध डाल रही। सोमवार को गांधी का किताब लहराना विवाद को नई ऊंचाई दे गया।
नरवणे का खुला समर्थन करते हुए गांधी ने कहा, ‘मैं पूर्व सेना प्रमुख पर भरोसा करता हूं, न कि प्रकाशक पर।’ गलवान घटना से जुड़े तथ्य सरकार के लिए घातक हैं, यही कारण है कि सदन में चर्चा नहीं हो रही।
प्रकाशक पेंगुइन ने स्पष्ट किया कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ का कोई संस्करण बाजार में नहीं। अधिकार हमारे पास हैं लेकिन प्रकाशन लंबित। यह टकराव विपक्ष को मजबूत कर रहा, जबकि सत्र संकट में फंसा नजर आता है।