पंचांग सनातन का आधारभूत ग्रंथ है, जो ग्रह-नक्षत्र से समय निर्धारित करता है। महत्वपूर्ण निर्णय इसी से लिए जाते हैं।
11 फरवरी बुधवार: कृष्ण पक्ष नवमी 9:58 तक, दशमी बाद। नक्षत्र अनुराधा 10:53 तक, ज्येष्ठा प्रारंभ। चंद्रमा वृश्चिक राशि। सूर्य उदय 7:03, अस्त 6:08।
मुख्य आकर्षण: 7:03 से 10:53 सर्वार्थ-अमृत सिद्धि योग। कार्य सिद्धि के लिए सर्वोत्तम।
शुभ काल: ब्रह्म 5:19-6:11, विजय मुहूर्त 2:26-3:11, गोधूलि 6:06-6:32। कल अमृत काल 3:52-5:39।
सावधान: व्याघात योग 12 को रात 2:30 तक, वर्ज्याम 5:08-6:55, गंडमूल 10:53 से। राहुकाल दोपहर 12:36-1:59 में कोई शुभ कार्य न करें। अन्य: यमगंड 8:26-9:49, गुलिक काल 11:12-12:36, दुर्मुहूर्त 12:13-12:58।
विघ्नहर्ता गणेश व बुधवार के स्वामी बुध पूजन से जीवन सुगम। समय का सदुपयोग करें।