कर्नाटक में सोशल मीडिया पोस्ट्स पर पुलिस की मनमानी कार्रवाई का अंत। सरकार ने डीजीपी-आईजीपी एम.ए. सलीम के सर्कुलर से नई गाइडलाइंस लागू कीं, जो स्वतः एफआईआर और गिरफ्तारी रोकेंगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मान्य तेलंगाना एचसी निर्देशों के अनुरूप, बिना प्रारंभिक जांच के केस दर्ज करने की प्रथा बंद।
शिकायतकर्ता की वैधता जांचो, संज्ञेय में पूर्व जांच करो, अभिव्यक्ति मामलों में कड़े मानक अपनाओ। राजनीतिक भाषण सुरक्षित, मानहानि गैर-संज्ञेय, गिरफ्तारी नियमबद्ध, संवेदनशील केसों पर कानूनी नजर, फर्जी शिकायतें खारिज।
मानहानि एफआईआर तभी जब शिकायतकर्ता वाकई पीड़ित हो—बाहरी हस्तक्षेप नहीं चलेगा। सभी आरोपों के लिए प्रथमदृष्टया तत्व सिद्ध करने की जांच जरूरी। दुश्मनी भड़काना, अपमान, अशांति या राजद्रोह बिना ठोस हिंसा-साक्ष्य के नामंजूर।
आलोचनात्मक राजनीति अपराध नहीं, जब तक हिंसा उकसाव न हो। संविधान अनुच्छेद 19(1)(क) का सम्मान। मानहानि मजिस्ट्रेट के पास, पुलिस बीएनएसएस 174(2) निर्देश का इंतजार करे। ये नियम डिजिटल युग में संतुलित कानून व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।