भारतीय अर्थव्यवस्था के आंकड़ों को नया आयाम देने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। प्रमुख सूचकांकों—जीडीपी, सीपीआई और आईआईपी—की व्यापक जांच के बाद नई श्रृंखलाएं जल्द बाजार में आ रही हैं। राज्यसभा में राव इंद्रजीत सिंह ने इनके जारी होने की तिथियां घोषित कीं।
सीपीआई (आधार 2024) 12 फरवरी को, जीडीपी (2022-23) 27 फरवरी को तथा आईआईपी (2022-23) 28 मई को सामने आएंगे। मोस्पी ने विशेषज्ञ समितियों के नेतृत्व में विधियों को परिष्कृत किया, जिसमें नई डेटा जोड़ना और वेटेज सुधारना शामिल है।
विश्वविद्यालय विशेषज्ञ, सरकारी अधिकारी, आरबीआई प्रतिनिधि आदि ने इसमें योगदान दिया। सेवा व अनौपचारिक क्षेत्रों की सटीक गणना पर जोर रहा। आईएमएफ के एसडीडीएस का अनुपालन डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा।
पिछले सुधार आंकड़ों को अधिक भरोसेमंद बना चुके हैं। एकसाथ लॉन्च से पारदर्शिता झलकती है। नए आधार ग्रामीण-नगरीय खपत को सही तरीके से चित्रित करेंगे।
नीतिगत फैसलों, योजनाओं और आम जानकारी के लिए ये अपडेट क्रांतिकारी साबित होंगे। वैश्विक पटल पर भारत के आंकड़े मजबूत स्थिति में रहेंगे।