गांदरबल में न्याय की एक मिसाल कायम हुई जब स्थानीय अदालत ने पॉक्सो एक्ट के तहत नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा-ए-मौतुम दी। साथ ही 50,000 रुपये का जुर्माना लगाकर अदालत ने अपराधी को सबक सिखाया। यह फैसला सोमवार को सुनाया गया।
आरोपी की पहचान रऊफ अहमद गनई के रूप में हुई, जो बशीर अहमद गनई का पुत्र और तकिया खलमुल्ला नागबल का निवासी है। प्रधान सत्र न्यायाधीश ने पॉक्सो धारा 3/4 के तहत दोष सिद्ध मानते हुए सजा का ऐलान किया।
मामले की पैरवी लोक अभियोजक शफात अहमद भट ने की, जबकि जहांगीर रफीकी ने सहयोग किया। एसआई मोहम्मद अकबर की गहन जांच ने अदालत को प्रभावित किया, जिससे अभियोजन पक्ष का पक्ष अटल साबित हुआ।
पुलिस ने एक्स पर लिखा कि यह पॉक्सो मामले में 20 साल की सजा दिलाना उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। बच्चियों की सुरक्षा के लिए वे कटिबद्ध हैं और जघन्य अपराधों पर लगाम कसेंगे।
इस घटना से क्षेत्र में सुरक्षा जागरूकता बढ़ेगी। समाज के संवेदनशील तबके को बचाने के लिए पुलिस-न्यायपालिका का समन्वय सराहनीय है। ऐसे केसों में त्वरित कार्रवाई से अपराधियों में भय पैदा होगा। जनता को सतर्क रहने और सहयोग करने का आह्वान किया गया है। यह जीत बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।