सुप्रीम कोर्ट ने थिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी के नल्लिथोप्पू इलाके से जुड़े धार्मिक विवाद में दखल देने से साफ मना कर दिया। मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को संतुलित बताते हुए शीर्ष अदालत ने नमाज को रमजान-बकरीद तक ही सीमित रखा।
पहाड़ी पर मुरुगन मंदिर और दरगाह होने से टकराव बढ़ा था। हाईकोर्ट ने पशु कुर्बानी बंद कर नमाज की अनुमति महज दो त्योहारों तक कर दी। एम इमाम हुसैन ने प्रशांत भूषण से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
वकील ने कहा कि 33 सेंट जमीन मुस्लिमों की साबित हो चुकी है। प्रतिबंध भेदभावपूर्ण हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया कि हाईकोर्ट ने सभी को ध्यान में रखा है।
इससे पहले जनवरी में सिंगल जज ने त्योहारों में बलि, मांस परोसना और ढोना रोका था। हिंदू पक्ष की शिकायत पर यह कदम उठा।
फैसले से साफ है कि साझे धार्मिक स्थानों पर संयम जरूरी। अदालतें शांति सुनिश्चित करने में लगी हैं। भविष्य में स्थायी समाधान की उम्मीद।