राज्यसभा के सोमवार सत्र में ओडिशा भाजपा सांसद सुजीत कुमार ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की मजबूती के लिए स्वतंत्र स्पेस फोर्स बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अंतरिक्ष को रणनीतिक, आर्थिक और सैन्य मोर्चे का केंद्र बताया।
सदन में उन्होंने कहा कि उपग्रहों पर टिका हमारा संपूर्ण डिजिटल और रक्षा तंत्र जोखिम में है। दुश्मन की ओर से अंतरिक्ष में हस्तक्षेप से सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों ध्वस्त हो सकती हैं। ‘स्पेस फोर्स सितारों में जंग के लिए नहीं, जमीन पर हार से बचाव के लिए है।’
प्रधानमंत्री मोदी सरकार के प्रयासों—डिफेंस स्पेस एजेंसी, स्पेस रिसर्च विंग और एंटी-सैटेलाइट परीक्षण—का सराहना की, लेकिन कहा कि अब वक्त है स्थायी संरचना का। अमेरिका और चीन जैसे देश आगे हैं, भारत पीछे नहीं रह सकता।
सांसद ने स्पेस फोर्स व स्पेस युद्ध अकादमी पर विचार के लिए उच्च समिति बनाने का सुझाव दिया। भविष्य के सैन्य सैटेलाइट्स को चौबीसों घंटे सुरक्षा की दरकार है, जो मौजूदा व्यवस्था अकेले नहीं दे पाएगी।
यह प्रस्ताव भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षा को नई ऊंचाई देगा। सरकार अगर कार्रवाई करेगी, तो देश स्पेस पावर के रूप में उभरेगा, चुनौतियों का डटकर मुकाबला करेगा।