उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बजट सत्र की धमक barely महसूस होने से पहले समाजवादी पार्टी ने कमर कस ली। विधानसभा परिसर में चौधरी चरण सिंह की मूर्ति के पास सपा के विधायक और परिषद सदस्य जुटे। भाजपा सरकार के खिलाफ उनका नारेबाजी का दौर विपक्षी एकजुटता का प्रतीक बना।
खास अंदाज में सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा साइकिल से पहुंचे। वाराणसी मंदिर तोड़फोड़ कांड को सदन में उछालने का वादा किया। आराधना मिश्रा मोना ने नेतृत्व किया और सरकार विरोधी माहौल बनाया।
सत्र में एसआईआर, कोडीन तस्करी, बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा, विदेश नीति पर विपक्ष सरकार को तीखे सवालों से तपाएगा। सपा के अभिभाषण में बवाल मचने की पूरी उम्मीद। राज्यपाल के संबोधन पश्चात विधेयक पारित होंगे।
मंगलवार को श्रद्धांजलि सभा के बाद स्थगन, बुधवार बजट पेशी। सुरक्षा चाक-चौबंद। सर्वदलीय मीटिंग में सहमति बनी। अध्यक्ष सतीश महाना ने अपील की- चर्चा का मंदिर बने सदन, शोर का नहीं।