पश्चिम बंगाल भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार प्रहार किया है। एसआईआर प्रक्रिया के विरोध को लेकर उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी त्रुटिपूर्ण वोटर लिस्ट के साथ चुनाव जल्दी कराने को बेचैन हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल को एसआईआर खत्म करने का षड्यंत्र रचने वाला बताया। ‘गलत वोटर लिस्ट पर ही उनका चुनावी सपना टिका है।’ कोलकाता के पास पार्षद की लात से हत्या की घटना का हवाला देते हुए उन्होंने 2021 के बाद की हिंसा उजागर की—56 भाजपा कार्यकर्ता मारे गए, 27 महिलाओं का सामूहिक बलात्कार। ‘पुलिस सीबीआई को सबूत नष्ट कर सहायता दे रही।’
दिलीप घोष ने सुप्रीम कोर्ट में ममता की याचिका को ड्रामा करार दिया। ‘केस जीतने का दम है तो जाएं, नौटंकी की क्या जरूरत?’ उन्होंने सरकार की अदालती हारों का सिलसिला गिनाया—बेबुनियाद अपीलों से न्यायालय बोझिल।
घोष ने सत्ताधारी दल पर हिंदुओं को लक्ष्य बनाने, मुरशिदाबाद से मालदा पलायन कराने, ग्रामीण महिलाओं पर जुल्म, विपक्षियों को तंग करने के आरोप लगाए। ‘भाजपा सभाओं में पुलिस टीएमसी के इशारे पर झंडे फाड़ती है। यह पुलिस-टीएमसी की साजिश है।’
राज्य में लोकतंत्र की रक्षा के लिए भाजपा एसआईआर का समर्थन कर रही है, ताकि स्वच्छ चुनाव सुनिश्चित हो सकें।