मुलुगु। तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी ने बीआरएस के काले कारनामों को बेनकाब किया। नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर रविवार की सभा में उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस ने फोन टैपिंग का सहारा लेकर ब्लैकमेल किया और 1500 करोड़ रुपये अनैतिक रूप से कमाए।
पूर्व सीएम केसीआर पर सत्ता के दुरुपयोग का इल्जाम ठोका। कहा कि उनके परिवार ने टीवी चैनल, अखबार और कारोबार पर हजारों करोड़ खर्चे, लेकिन गरीबों को डबल बेडरूम घर नहीं दिए। ‘हर साल दो लाख घर बनते तो दस साल में 20 लाख परिवारों का भला हो जाता।’
भाजपा सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी के हवाले से बताया कि व्यापारियों को फोन टैप कर संपत्ति छीन ली गई। पत्रकार, जज, सितारे, विपक्षी—सबको निशाना बनाया। केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी पर तंज, ‘वे केसीआर के चचेरे भाई जैसे हो गए, घोटालों की जांच पर चुप्पी साधे हैं।’
कांग्रेस की योजनाओं का ब्योरा दिया—4.5 लाख इंदिरम्मा घर 22,500 करोड़ से, दूसरे चरण पर बजट में मुहर। नगरपालिकाओं को 17,442 करोड़, वारंगल को 6116 करोड़, भूपालपल्ली को 92 करोड़। जिलों पर अफवाहें फैलाने वाले बीआरएस को चेतावनी दी कि पुनर्गठन जनता और सदन की राय से ही।
बीआरएस-भाजपा को एक ही थाली के चट्टे-बट्टे बताते हुए वोट न देने की अपील की। सभा ने कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाया, जो चुनावी समर में नया रंग भर सकता है। रेवंत रेड्डी का यह प्रहार बीआरएस को बैकफुट पर ला सकता है।