उत्तर प्रदेश का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 मतदाता नामावलियों को चकाचौंध साफ करने पर केंद्रित है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लखनऊ से शनिवार को घोषणा की कि दावे-आपत्तियां 6 मार्च 2026 तक दर्ज की जाएंगी।
मृतक,移転ित, दोहरी एंट्री या गायब मतदाताओं पर फॉर्म-7 से कार्रवाई। रिणवा के मुताबिक, विलोपन प्रक्रिया 1960 नियमावली के पूर्ण पालन में है, जो सूची की शुद्धता सुनिश्चित करती है।
फॉर्म-7 भरने का हक सिर्फ मौजूदा मतदाताओं को, वोटर आईडी-मोबाइल सहित। बल्क फाइलिंग नो, लेकिन फैमिली के व्यक्तिगत फॉर्म डाक या हस्तजारी से ठीक।
फॉर्म-10 में आपत्तियां: दैनिक नोटिस बोर्ड, साप्ताहिक दलों को, जिला वेबसाइट पर लाइव। समाधान का फ्लो- नोटिस जारी, BLO जांच, कम से कम 7 दिन बाद हियरिंग, अंतिम निर्णय।
कोई सच्चा वोटर बाहर नहीं होगा, रिणवा ने वादा किया। यूपी में यह पहल भावी चुनावों के लिए आधार तैयार करेगी, जिसमें डिजिटल ट्रांसपेरेंसी और स्टेकहोल्डर सहभागिता प्रमुख है। जागरूकता जरूरी, समय पर भाग लें।