‘घूसखोर पंडत’ फिल्म का टाइटल ब्राह्मण समाज के लिए अपमानजनक साबित हो रहा है। निरज पांडे की इस फिल्म पर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं और प्रोड्यूसर्स ने ओटीटी से सारी मार्केटिंग हटा ली है।
पश्चिमी भारत सिने कर्मचारी फेडरेशन के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने साफ शब्दों में नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, ‘टाइटल सभी पंडितों पर कीचड़ उछालता है। यह व्यक्तिगत नहीं, सामुदायिक अपमान है। हम इसका विरोध करेंगे और आवश्यकता पर सख्ती करेंगे।’
निर्देशक रोहित शेट्टी के घर गोलीबारी की घटना पर तिवारी ने कहा, ‘पहले सलमान को टारगेट किया गया, अब जुहू में स्टार्स पर हमला। पुलिस की लापरवाही से खतरा बढ़ रहा है। सरकार को सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए, न कि सिर्फ वोट पर।’
फेडरेशन सुरक्षा मोर्चा खोल रहा है। श्रम मंत्री से बातचीत में कलाकारों की हिफाजत प्रमुख मुद्दा होगा। तिवारी बोले, ‘नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म विवादित टाइटल्स की पड़ताल करें। सोशल मीडिया ने संवेदनाओं को और संवेदनशील बना दिया है।’
बॉलीवुड अब सेंसरशिप और सुरक्षा के दोहरे संकट से जूझ रहा है। फेडरेशन की पहल से नई नीतियां बन सकती हैं।