पश्चिम बंगाल विधानसभा में शनिवार को बजट सत्र के समापन पर राजनीतिक तूफान आ गया। सत्ता पक्ष ने भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल के खिलाफ विशेषाधिकार उल्लंघन का प्रस्ताव ठोक दिया। उनकी अल्पसंख्यकों पर की गई टिप्पणी से नाराजगी भड़क गई थी।
मंत्री सोवनदेब चट्टोपाध्याय के प्रस्ताव पर भाजपा ने कड़ा विरोध जताया। विधायक मिहिर गोस्वामी ने सफाई दी कि पॉल ने सदन अध्यक्ष की मंजूरी से अपना बयान स्पष्ट किया था। यह कदम अल्पसंख्यक मंत्रियों के इशारे पर उठाया गया।
सदन में हंगामा होता देख भाजपा सदस्य नारों के साथ वॉकआउट कर गए। बाहर परिसर में भी विरोध प्रदर्शन चला।
सभापति ने मामला विशेषाधिकार समिति के पास भेजा। इसी बीच मुर्शिदाबाद विश्वविद्यालय का नाम बदलकर मुर्शिदाबाद महाराजा कृष्णनाथ विश्वविद्यालय करने का प्रस्ताव पास हो गया।
1853 में महाराजा कृष्णनाथ द्वारा स्थापित कृष्णनाथ कॉलेज पर आधारित यह नाम परिवर्तन ऐतिहासिक महत्व को बहाल करेगा। कॉलेज शिक्षा, सुधार और सांस्कृतिक समन्वय का प्रतीक रहा है।
बंगाल की सियासत में यह घटना नई जंग का संकेत देती है, जहां बयानबाजी सदन को गरमा रही है।