दिल्ली के जनकपुरी क्षेत्र में सड़क पर खुला गड्ढा एक युवक की जान ले लिया। 25 साल के कमल ध्यानी रोहिणी से रात देर तक नौकरी कर घर आते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गए। शुक्रवार को गड्ढे से उनका पार्थिव शरीर और बाइक बरामद हुई, जिसके बाद परिवार ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
भाई करन ने गुस्से में कहा, ‘प्रशासन ही इसकी जिम्मेदार है। जगह पर कोई संकेतक या होर्डिंग नहीं था। पुलिस ने सुबह खबर दी और सहायता का वादा किया। लेकिन दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।’
मंत्री आशीष सूद ने सुबह मौके का जायजा लिया और दुख जताया। ‘यह इलाका निर्माण कार्यों से बुरी तरह प्रभावित है। मेरे बार-बार दौरे में सुरक्षा पर नजर रखी गई। जांच शुरू हो चुकी है, परिवार के साथ हैं हम।’
मंत्री प्रवेश वर्मा ने अधिकारियों के साथ साइट पहुंचकर दिल्ली जल बोर्ड के तीन इंजीनियरों को निलंबित करने की कार्रवाई की। तीन महीने से सड़क मरम्मत चल रही थी। बैरिकेडिंग 100 मीटर की दूरी पर थी। रात्रि में खोदे गए गड्ढे वाली लेन में कोई वाहन चलना नहीं था।
वर्मा ने परिवार को आर्थिक सहायता देने और भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकने के वादे किए। जल बोर्ड की कमेटी 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपेगी। यह घटना राजधानी में रात्रिकालीन निर्माण कार्यों की खामियों को उजागर करती है, जहां चेतावनी व्यवस्था की कमी जानलेवा साबित हो रही है।