तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर भाजपा की शानदार जीत ने केरल राजनीति में हलचल मचा दी है। वाम मोर्चा के चार दशकों के शासन को खत्म कर पार्टी ने 50 सीटें हासिल कीं, एक निर्दलीय के समर्थन से बहुमत पाया। वाम को 29 और यूडीएफ को 20 सीटें नसीब हुईं। यह सफलता जमीनी स्तर पर की गई मेहनत को प्रमाणित करती है।
14 विधानसभा क्षेत्र वाले इस जिले को भाजपा लक्ष्य बना रही है। लगातार अंतर घटाने का सिलसिला जारी है- 2011 से 2021 तक दूसरे स्थान की संख्या चार तक पहुंची। कांग्रेस की सीटें घटकर एक रह गईं। स्थानीय चुनावों की तर्ज पर यदि वोटिंग हुई तो भाजपा को फायदा हो सकता है।
राजीव चंद्रशेखर नेमोम से मैदान में उतरेंगे, जो भाजपा का पुराना गढ़ है। कझाकूटम, वट्टियूरकावु व अटिंगल पर भी नजर। निगम जीत से उत्साह चरम पर है, नेता वाम-कांग्रेस के प्रभुत्व को चुनौती दे रहे हैं।
केरल की सियासत में यह बदलाव का संकेत है, जो पूरे राज्य को प्रभावित कर सकता है। भाजपा का विस्तार अब अवश्यम्भावी लग रहा है।