एनसीपी (एसपी) सांसद फौजिया खान ने राज्यसभा में पीएम मोदी के भाषण की तारीफ की, लेकिन सच्चाई पर शक जताया। उन्होंने कहा कि सुनने में तो अच्छा लगा, पर जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी है, यह संदेहास्पद है।
जन समस्याओं के हल न देने पर नाराजगी जताई। मेघालय ब्लास्ट की 18 जिंदगियों पर दर्द भरी प्रतिक्रिया दी। अवैध माइनिंग और ठेकेदारों के गठजोड़ को हादसों का सबब बताया, केंद्र से सख्ती की मांग की।
असम के हिमंता सरमा के अपमानजनक शब्दों की कड़ी निंदा। ‘मियां’, पांच रुपए वाली टिप्पणियों सहित सांप्रदायिक बयानों की श्रृंखला गिनाई। क्या यही लोकतंत्र है, पूछा।
नेताओं को संयम बरतने की हिदायत दी, अन्यथा पद छोड़ने की चेतावनी। मुस्लिम नेताओं को निशाना बनाने की राजनीति को दुर्भाग्यपूर्ण कहा। आजादी की लड़ाई के सभी संगठनों का सम्मान आवश्यक बताया। खान ने एकजुट भारत की अपील की।