हरिद्वार के भारत माता मंदिर में गुरु समाधि दिवस और प्रतिमा स्थापना के द्वितीय चरण में आध्यात्मिकता और राष्ट्रप्रेम का अनोखा मेला सजा। ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद जी महाराज, जो पद्मभूषण प्राप्त थे, के सनातन सेवा कार्यों को सभी ने सलाम किया।
मंदिर की नींव रखकर उन्होंने सनातन धर्म को नई ऊंचाइयां दीं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, स्वामी जी अवधेशानंद गिरि के गुरु थे। वे संस्कृति और एकता के प्रतीक हैं। राष्ट्रवाद उनकी पहचान था। युवा वर्ग उनसे सीख लेगा।
एमपी के मोहन यादव ने पूज्यपीठाधीश्वर के निमंत्रण पर हाजिर होकर मंदिर के महत्व पर प्रकाश डाला। बिहार राज्यपाल, जेकेएल उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की बात स्वामी अवधेशानंद ने कही। सनातन ही भारत का आधार है।
बाबा रामदेव ने विचार व्यक्त किए कि जाति-देश-धर्म में श्रेष्ठता नहीं, सबमें एक परमात्मा है। सनातन एकजुट करता है। स्वामी सत्यमित्रानंद जैसे महापुरुष संतत्व प्रदान करते हैं। यह कार्यक्रम भारतीय एकता का संदेश देता है।