देहात और अनधिकृत कॉलोनियों में कूड़े के खिलाफ हाईकोर्ट का सख्त फैसला दिल्लीवासियों के लिए राहत की खबर है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इन क्षेत्रों में भी कचरा डंपिंग कानून के विरुद्ध है, जिससे स्थानीय लोगों में उत्साह है।
सौरभ भारद्वाज ने सरकार को आड़े हाथों लिया, कहा कि झूठे दावों के बावजूद कूड़े के पहाड़ बढ़ते जा रहे थे। किराड़ी में डीडीए भूमि पर एमसीडी द्वारा भलस्वा का कूड़ा फैलाने से सड़कें गायब हो गईं, प्रदूषण चरम पर पहुंचा।
रसायनों से युक्त कचरा मिट्टी, पानी और हवा को नष्ट कर रहा था। भारद्वाज के अनुसार, ग्रामीणों को बीमार बनाने की साजिश रची जा रही थी। उनके हालिया निरीक्षण ने समस्या की गहराई उजागर की।
आप का लगातार संघर्ष रंग लाया। अब प्रशासन से अपेक्षा है कि आदेश का अक्षरशः पालन कर दिल्ली के पिछड़े इलाकों को स्वच्छ बनाए। यह कदम पूंजी के पर्यावरण संरक्षण में मील का पत्थर साबित हो सकता है।