राज्यसभा में विपक्षी हंगामे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हल्का-फुल्का लेकिन करारा प्रहार किया। राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे पर तंज कसा, ‘खड़गे जी वृद्धावस्था में हैं, उन्हें कुर्सी पर बैठे नारेबाजी की इजाजत दी जानी चाहिए।’ सदन ठहाकों से गूंज उठा।
मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मु के संबोधन को संवेदनशील और व्यापक बताया। गरीब, किसान, महिलाएं, युवा, सभी वर्गों की प्रगति का जिक्र कर उन्होंने भारत की गति को रेखांकित किया। 21वीं सदी का यह दूसरा चौथाई पिछले दौर की तरह ही ऐतिहासिक साबित होगा।
देश अब महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जहां तेजी से लक्ष्यों की ओर बढ़ना जरूरी है। वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में भारत की उच्च वृद्धि दर और नियंत्रित मुद्रास्फीति नीतिगत सफलता का प्रमाण है। यह बहस संसद को सकारात्मक दिशा देने वाली रही।