केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पांच दिनों का व्यस्त दौरा गुरुवार से प्रारंभ हो रहा है। जम्मू-कश्मीर (5-7 फरवरी) और छत्तीसगढ़ (7-9 फरवरी) में आंतरिक सुरक्षा की बारीकी से पड़ताल करेंगे। यह यात्रा चुनौतियों से निपटने की केंद्र की रणनीति को दर्शाती है।
जम्मू पहुंचकर शाम को शीर्ष सुरक्षा बैठक बुलाएंगे, जिसमें एमएचए, इंटेलिजेंस, जेकेई प्रशासन, पुलिस व सीआरपीएफ के अधिकारी मौजूद रहेंगे। राजनीतिक नेताओं से भेंटवार्ता भी होगी।
शुक्रवार को कठुआ के हीरानगर सीमा क्षेत्र का निरीक्षण और बीएसएफ से फीडबैक लेंगे। सुरक्षा व्यवस्था पर उच्च स्तरीय मीटिंग आयोजित करेंगे। यह उनकी जेकेई सुरक्षा पर लगातार नजर का हिस्सा है।
7 फरवरी को श्रीनगर में विकास योजनाओं का शुभारंभ करेंगे, जो क्षेत्रीय प्रगति को बल देंगे।
छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान, पुनर्वास योजना की समीक्षा और बस्तर आदिवासियों से बातचीत करेंगे। ये कदम नक्सलवाद की जड़ों को कमजोर करने पर जोर देते हैं।
9 फरवरी को समाप्त होने वाला यह दौरा सुरक्षा मजबूती, विकास कार्यान्वयन और स्थानीय संवाद पर आधारित है। अमित शाह का नेतृत्व इन क्षेत्रों को शांति की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। सरकार का सक्रिय रुख सराहनीय है।