तमिलनाडु से उठा विवाद दिल्ली तक पहुंच गया। डीएमके मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने उत्तर भारतीय प्रवासियों को मजाक उड़ाते हुए कहा कि वे तमिलनाडु में केवल नौकरानी, मजदूरी और स्ट्रीट फूड बेचने आते हैं। इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में आग लगा दी।
चिराग पासवान ने केंद्रीय मंत्री के नाते तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे प्रचार का स्टंट बताते हुए कहा कि एनडीए सरकार सभी के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा के प्रतुल शाहदेव ने नकारात्मक मानसिकता का आरोप लगाया।
सपा के अवधेश प्रसाद ने भारत की विविधता की सराहना की। बिहार के दीपक प्रकाश ने भाईचारे पर जोर दिया। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने बिहार के पलायन का जिक्र किया। एआईएडीएमके प्रवक्ता ने डीएमके की वोटबैंक राजनीति खोल दी।
यह घटना दर्शाती है कि कैसे राजनीतिक बयान सामाजिक एकता को खतरे में डालते हैं। चुनावी मौसम में ऐसी बयानबाजी से बचना जरूरी है ताकि देश की अखंडता बनी रहे।