राहुल गांधी के रवनीत सिंह बिट्टू पर ‘गद्दार’ कहने से संसद में तल्खी बढ़ गई। जनता दल यूनाइटेड के राजीव रंजन प्रसाद ने इसे बचकाना करार देते हुए विरोध जताया। ‘संसद में गद्दार जैसे शब्दों का कोई स्थान नहीं,’ उन्होंने कहा और कांग्रेस को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
प्रसाद के अनुसार, राहुल का यह रुख पार्टी के लिए लगातार परेशानी का सबब बन रहा है। भाजपा के प्रतुल शाह देव ने कटाक्ष किया कि कांग्रेस के सांसदों में दल बदलाव आम बात है। सिख समुदाय के प्रति कांग्रेस का रवैया जगजाहिर है और बिट्टू को गद्दार कहना समुदाय का अपमान है।
सिखों का गौरवशाली इतिहास त्यागपूर्ण है, इस पर कीचड़ उछालना निंदनीय। ममता बनर्जी के दिल्ली दौरों पर प्रसाद ने टिप्पणी की कि राजधानी सबके लिए है, लेकिन एसआईआर विवाद बिहार के हंगामे जैसा। तेजस्वी-राहुल का प्रयास विफल रहा।
देव ने आरोप लगाया कि बंगाल में 50 लाख वोटर हटे, ममता हिंसा भड़का रही हैं ताकि चुनावी शिकस्त पर षड्यंत्र का बहाना बना सकें। ये प्रतिक्रियाएं विपक्षी एकता में दरार दिखाती हैं।