केरल की सियासत में सबरीमाला सोना चोरी कांड गुरुवार को भी सुर्खियों में छाया। प्रमुख आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को कानूनी जमानत पर जेल से बाहर कर दिया गया। इसी बीच विधानसभा में चौथे दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा, जिससे सदन 23 फरवरी तक स्थगित हो गया।
एसआईटी की रिपोर्ट में 13 आरोपियों में पोट्टी पहले नंबर पर हैं, दो केसों से जुड़े। जमानत पाने वाले वह चौथे हैं। कांग्रेस विपक्ष सरकार को प्रभावशाली लोगों की ढाल बनाने का दोषी ठहरा रहा है। उन्होंने जांच में ढील देने का इल्जाम लगाया।
सदन में नारे लगाकर विपक्ष ने कामकाज रुकवा दिया। निष्पक्ष जांच की मांग की, कहा कि राजनीतिक सांठगांठ नजर आ रही है। सत्ता पक्ष ने केरल हाईकोर्ट के बयान से बचाव किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत का मतलब निर्दोष साबित होना नहीं। दोषी कानून से नहीं बचेंगे।
सत्ताधारी नेताओं का कहना था कि जांच कानूनी तरीके से चल रही है। जमानत से कोई फर्क नहीं पड़ता। विपक्ष पर भ्रम फैलाने का ठीकरा फोड़ा। स्पीकर शमसीर ने तंज कसा कि विपक्ष बहस से क्यों कतरा रहा।
वरिष्ठ कांग्रेसी रमेश चेन्निथला ने पोट्टी की रिहाई को साबित माना कि सरकार केस दबा रही। विरोध जारी रहेगा और बाकी आरोपी भी बाहर होंगे। ईडी की पूछताछ की तलवार लटक रही है। मंदिर भेंट सोने के गलत इस्तेमाल के इस कांड ने आने वाले चुनावों से पहले सियासी पारे को चढ़ा दिया। दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं।