जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने बिहार सरकार के बजट को ग्रामीण क्रांति का आधार बताया है। नीतीश कुमार की अगुवाई में गांवों का स्वरूप बदल गया है—सड़कें, शिक्षा और कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व प्रगति हुई है।
‘यह विकसित बिहार का खाका है,’ कुमार ने जोर देकर कहा। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे गांव अब आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहे हैं। जर्जर रास्ते अब पक्के मार्ग बन गए, स्कूलों में स्मार्ट क्लास और ब्रॉडबैंड पहुंचा है।
बेटियों के हॉस्टल नियमों पर चर्चा में बिहार के अतीत का दर्द बयां किया। आजादी के लंबे समय बाद भी कई इलाकों में कॉलेजों की कमी थी। वर्तमान प्रयास बेटियों को मजबूत बना रहे हैं।
पश्चिम बंगाल की सीएम के एसआईआर वाले सवालों को चुनाव आयोग पर डाल दिया। ‘संवैधानिक संस्था है, पहले भी हुआ है बिना विवाद के। बीएलओ की गलती आयोग पर मढ़ना गलत।’
लोकसभा में राहुल के अपशब्दों पर कड़ा ऐतराज जताया। ‘यह असंसदीय और असंवैधानिक है। विपक्ष की यह भाषा शोचनीय।’
केंद्रीय मंत्री पुरी के पक्ष में सिख इतिहास की याद दिलाई। ‘रेजिमेंट पर गर्व, राहुल को समुदाय की पीड़ा समझनी चाहिए।’
एनएसए डोभाल से भारत की दृढ़ता झलकती है। बजट बिहार के गांवों को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।