सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के अधिकार को बरकरार रखा, जिसे भाजपा ने ऐतिहासिक जीत घोषित कर दिया। नेताओं ने ममता बनर्जी सरकार को असंवेदनशील ठहराते हुए कटाक्ष किया। कोलकाता से 5 फरवरी की यह खबर राजनीतिक हलचल मचा रही है।
भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार ने एक्स पर लिखा कि अटूट इरादे से कर्मचारियों ने हक हासिल किया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने डीए रोकने के लिए सरकारी खजाने लूटा, बड़े वकील हायर किए, आंदोलनकारियों पर अत्याचार किए।
मजूमदार ने जोर देकर कहा कि डीए कर्मचारियों का जन्मसिद्ध अधिकार है। कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए उन्होंने संघर्षरत कर्मचारियों को सलाम किया। यह जीत सिर्फ पैसे की नहीं, न्याय व्यवस्था पर भरोसे की है।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी बार-बार डीए को हक न बताकर गुमराह करती रहीं। कोर्ट ने साफ कहा-यह कानूनी दावा है। सरकार ने कई अदालतों में हारकर भी अपील की, करोड़ों बर्बाद किए।
कर्मचारियों के शांतिपूर्ण विरोध को कुचला गया, लेकिन उन्होंने न्यायपालिका का सहारा लिया। अधिकारी ने इस बिना झुकने वाली लड़ाई की सराहना की और सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दी। यह फैसला राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।