राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जिम ट्रेनर्स के यौन शोषण के मामलों पर कड़ा रुख अपनाया है। सदस्य प्रियंक कानूनगो ने इसे गंभीर समस्या बताते हुए स्वास्थ्य खतरों पर भी चिंता जताई।
राज्य सरकारों व खेल मंत्रालय को नोटिस भेजे गए हैं, जिसमें जिम स्थापना व संचालन के दिशानिर्देश मांगे गए। एक्स पोस्ट में कानूनगो ने महिलाओं व बालिकाओं को निशाना बनाने वाली घटनाओं का उल्लेख किया।
मिर्जापुर कांड के बाद आयोग सक्रिय हुआ, जहां फिटनेस सेंटर के जरिए युवतियों का शोषण व जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप थे। अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई।
फिटनेस उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन नियमन की कमी से खतरे पैदा हो रहे। घटिया सप्लीमेंट्स जानलेवा साबित हो सकते हैं। कानूनगो की पहल से नए नियम बन सकते हैं।
जिम मालिकों को ट्रेनर सत्यापन, सुरक्षित वातावरण व ग्राहक सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। समाज को भी सतर्क रहना होगा। यह कदम लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आएगा।