फरीदाबाद की प्रतिष्ठित अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई के बाद अदालत ने चार दिन की रिमांड मंजूर की है, जो मामले की गहराई को दर्शाता है।
दो एफआईआर के आधार पर चल रही जांच में वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक खामियों पर जोर है। रिमांड के दौरान सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के संचालन, आर्थिक मामलों और संबंधित पहलुओं की बारीकी से पूछताछ होगी।
यूनिवर्सिटी पहले भी सुर्खियों में रही, जब उसके डॉक्टरों का आतंकी मॉड्यूल उजागर हुआ। लाल किले ब्लास्ट से एक का संबंध सामने आया। ईडी ने ट्रस्ट और संस्थानों पर सिद्दीकी के वर्चस्व को उजागर करते हुए 54 एकड़ जमीन समेत संपत्ति कुर्क की।
मैनेजिंग ट्रस्टी के रूप में उन्होंने प्रॉक्सी पदाधिकारियों के माध्यम से नियंत्रण बनाए रखा और मेडिकल कॉलेज को एनएमसी धोखे से मंजूर कराया। यह घटनाक्रम शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। पुलिस पूछताछ से नई जानकारियां मिल सकती हैं।