महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुसैन दलवई ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के विवादित बयान का पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा पर यकीन रखने वाले हर संगठन, हिंदू या मुस्लिम, आतंकवादी श्रेणी में आते हैं।
योगी ने पुलिस को अपराधियों के खिलाफ गोली चलाने का बचाव किया था। ‘अपराधी गोली चलाए तो पुलिस क्या चुप रहे? उन्हें हथियार और ट्रेनिंग इसी उद्देश्य से दी गई है।’
दलवई ने इसे खारिज करते हुए कहा, ‘हथियार अपराध को रोकने के लिए हैं, न कि हत्या के लिए। ऐसा करना कानून का उल्लंघन है। ये लोग हिंसा के पुजारी हैं।’
एनसीपी एकीकरण पर उनकी राय साफ है, ‘विलय से भाजपा को फायदा ही होगा। शरद पवार अकेले रहना पसंद करेंगे लेकिन भाजपा के साथ नहीं। अजित गुट पहले ही उनका साथ दे रहा है।’
बंगाल में SIR को लेकर ममता पर भाजपा के दबाव पर दलवई बोले, ‘वे बंगाल-तमिलनाडु-केरल जीतने को बेताब हैं। एक संस्कृति-एक नेता वाली सोच गलत है। वहां भाजपा सत्ता से दूर रहेगी।’
यह विवाद आने वाले चुनावों के लिए राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।