नई दिल्ली में राज्यसभा की बहस में जेपी नड्डा ने भारत की आर्थिक यात्रा को चमकदार बताया। राष्ट्रपति अभिभाषण पर बोलते हुए उन्होंने विकसित भारत@2047 के लिए ठोस रोडमैप पेश किया, जिसमें 2026 के कदम और पांच साल की रणनीति शामिल है।
नड्डा ने हालिया घटनाक्रम को आर्थिक क्रांति की श्रृंखला कहा—ईयू व्यापार pact, आर्थिक सर्वे, बजट सुधार और इंडो-अमेरिकी समझौता। ये सफलताएं भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं।
सर्वेक्षण के अनुसार भारत दुनिया की सबसे तेज प्रगतिशील अर्थव्यवस्था है। डब्ल्यूईएफ प्रमुख की 20 प्रतिशत वैश्विक योगदान वाली टिप्पणी का हवाला देते हुए नड्डा ने कहा, यह हमारा दावा नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति है।
ईयू सौदे को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताते हुए नड्डा ने 27 यूरोपीय बाजारों तक पहुंच के लाभ गिनाए—व्यापारी, शिल्पकार, स्टार्टअप्स और आईटी क्षेत्र को फायदा। भारत-ओमान करार मध्य पूर्वी ऊर्जा गलियारा बनेगा। लिंक वेस्ट को बल मिला। न्यूजीलैंड एफटीए किसानों-महिलाओं के हित में, यूके pact आईटी को बढ़ावा देगा।
विपक्ष के ‘गरीबी हटाओ’ पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने दलाल संस्कृति पनपाई, गरीबों का शोषण किया। मोदी युग में वास्तविक बदलाव: 25 करोड़ गरीबी मुक्त, लाखों पक्के मकान, 3 करोड़ और निर्माणाधीन, पेयजल-गैस की व्यापक पहुंच।
95 करोड़ सामाजिक सुरक्षा में, डीबीटी से 6.75 लाख करोड़ वितरित। 62 करोड़ को 5 लाख स्वास्थ्य कवर। आयुष्मान से मरीज निशुल्क इलाज पाते हैं। कैंसर उपचार में 90 प्रतिशत मामलों में 30 दिनों की शुरुआत।
नड्डा ने आर्थिक गति और सामाजिक न्याय के मिश्रण से भारत की सुनहरी भविष्य की तस्वीर खींची।