वोटर लिस्ट के एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी की याचिका पर भाजपा ने तीखी टिप्पणी की है। बिहार-झारखंड के नेता इसे टीएमसी की सियासी हार से बचने की बेबकूफी भरी चाल बता रहे हैं।
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल की पकड़ ढीली पड़ रही है। इसी डर से ममता नाटक रच रही हैं और भ्रामक बयान दे रही हैं। ‘यह उनका थिएटर है, जो लंबा नहीं चलेगा,’ उन्होंने जोर देकर कहा।
भाजपा के झारखंड अध्यक्ष संजय सरावगी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वालों को ललकारा। आयोग के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं है। एसआईआर देश भर में हो रहा है। ममता अपने गुंडों से दबंगई करा रही हैं, लेकिन यह अब खत्म होने वाला है।
उन्होंने राज्य के संसाधनों की बर्बादी और घुसपैठियों के शोषण पर चिंता जताई, जो बंगाल की जनता को तकलीफ दे रहा है। सरावगी ने भरोसा जताया कि भाजपा बंगाल की सत्ता संभालेगी और ममता का घबराहट भरा रवैया इसका प्रमाण है।
प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने ममता के नैरेटिव को खारिज किया। चुनाव हार का डर उन्हें एसआईआर को षड्यंत्र बताने पर मजबूर कर रहा है, जबकि यह राष्ट्रीय प्रक्रिया है।
भाजपा का एकजुट हमला टीएमसी को घेर रहा है। ममता का यह कदम उल्टा पड़ सकता है, जो विपक्ष को मजबूत बनाएगा। बंगाल चुनाव अब निर्णायक जंग का रूप ले चुके हैं।