संसदीय सत्र के दौरान कांग्रेस के हंगामे पर भाजपा ने कड़ा रुख अपनाया है। सांसदों ने राहुल गांधी पर सदन को अपमानित करने का इल्जाम लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा दीं।
गिरिराज सिंह ने राहुल को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे संसद भवन को अपना निजी साम्राज्य मानते हैं। कांग्रेस को नाटकबाजों का अड्डा बताते हुए उन्होंने देश-विरोधी साजिश का खुलासा किया। सिंह ने इसे सकारात्मक राजनीति के विरुद्ध बताया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पीच न मिलने के पत्र पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि नियम तोड़ने की मांग पर सहन किया गया, लेकिन संसद नियमों से बंधी है। अरुण गोविल ने व्यवहार को शर्मनाक कहा।
शशांक मणि ने निलंबन को सदन की मर्यादा बचाने वाला कदम माना। दर्शन सिंह चौधरी ने कांग्रेस के दावों को खारिज करते हुए हंगामे को संसद के अपमान का कारण बताया।
भाजपा की एकजुटता विपक्ष के लिए चुनौती बनी हुई है, जो संसदीय परंपराओं को मजबूत करने पर तुली है।