लोकसभा विपक्ष नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की पुस्तक दिखाते हुए केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। कैलाश रिज पर चीनी टैंकों की घुसपैठ के दौरान भारतीय सैनिक हमला करने को बेताब थे, लेकिन ‘टॉप’ नेतृत्व ने कोई स्पष्ट आदेश न देकर उन्हें लटका दिया।
गांधी ने पत्रकारों से कहा, ‘किताब不存在 का दावा झूठा है- यह लो। युवाओं को पढ़नी चाहिए। नरवणे साहब की यह किताब है, लेकिन कोट करने पर पाबंदी।’
विवरण देते हुए बताया कि नरवणे ने राजनाथ सिंह को फोन किया- चीनी टैंक सीमा पार कर चुके। जवाब न मिला। जयशंकर, एनएसए से बात, फिर सिंह से। अंत में ‘टॉप’ से निर्देश- बिना पूछे गोली न चलाओ।
‘सेना को चीनी टैंकों पर प्रहार का मन था, वे हमारी धरती पर थे। लेकिन संदेश आया- ‘जो उचित हो वो करो।’ नेतृत्व ने कंधे से जिम्मेदारी उतार दी,’ गांधी ने तीखा प्रहार किया।
किताब में नरवणे का दर्द- ‘मुझे बेहद अकेलापन लगा, सिस्टम ने साथ छोड़ दिया।’ गांधी बोले, लोकसभा में मोदी जी को खुद देंगे यह किताब।
गलवान के बाद यह नया विवाद। सीमा सुरक्षा पर सवाल उठे, सेना को मजबूत बैकिंग की जरूरत। जांच की मांग तेज।