दुनिया के दो प्रमुख लोकतंत्रों भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ में कटौती का नया समझौता बाजार में सस्ते सामान की बाढ़ लाने वाला है। तकनीक से कृषि तक उत्पाद सस्ते होंगे।
मोबाइल, लैपटॉप, गैजेट्स और उनके पुर्जों पर कम शुल्क से उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, रसोई उपकरण, पैकेज्ड गुड्स व प्रोसेस्ड फूड भी किफायती मूल्य पर मिलेंगे।
दाल, डेयरी और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों पर आयात कर घटने से महंगाई की मार कम होगी। आधिकारिक घोषणा बाकी है, लेकिन संभावनाएं उत्साहजनक हैं।
निर्यातकों के लिए अच्छी खबर: टेक्सटाइल, कपड़ा, आभूषण व रत्न क्षेत्र अमेरिकी बाजार में मजबूत होंगे। स्टील व रसायन उद्योग को प्रोत्साहन मिलेगा, मगर एल्यूमिनियम व कॉपर पर ऊंची ड्यूटी संभव। वाहन पुर्जों पर राहत सीमित।
मोदी-ट्रंप टेलीफोनिक बातचीत से जन्मे इस समझौते में यूएस ने भारतीय निर्यात पर 18% टैरिफ तय किया। भारत ने जवाबी कदम उठाया। तेल आयात में बदलाव पर भी सहमति बनी—रूस कम, अमेरिका व वेनेजुएला ज्यादा।
सोशल मीडिया पर पीएम ने ट्रंप को सराहा, ‘मेड इन इंडिया’ को 18% टैरिफ राहत का जिक्र किया। यह डील आर्थिक साझेदारी को सशक्त बनाएगी, उपभोक्ताओं व व्यापारियों दोनों को फायदा पहुंचाएगी।