आई-पैक छापेमारी विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की महत्वपूर्ण याचिका को 10 फरवरी के लिए स्थगित कर दिया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर केंद्रीय एजेंसी की जांच में बाधा डालने का आरोप है, जो कोलकाता में राजनीतिक सलाहकार कंपनी आई-पैक के कार्यालयों पर छापे से उपजा है।
एजेंसी के अनुसार, प्रतीक जैन के घर और आई-पैक दफ्तर पर छापेमारी के वक्त राज्य पुलिस ने हाई प्रोफाइल हस्तक्षेप किया। ईडी ने दावा किया कि यह मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुआ, जिससे केंद्रीय टीम को कानूनी काम करने से रोका गया।
तुषार मेहता ने कोर्ट में इसे गंभीर संवैधानिक उल्लंघन बताते हुए प्रमुख अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मांग उठाई। पहले कोर्ट ने एफआईआर रोकी, साक्ष्य संरक्षण का आदेश दिया और हलफनामे मांगे।
विपक्ष में अभिषेक मनु सिंघवी ने पलटवार किया कि याचिका में दम नहीं, क्योंकि हाईकोर्ट में पहले से मामले चल रहे हैं।
शुक्रवार को मेहता ने राज्य के ताजा जवाब का हवाला देकर समय मांगा। बेंच ने इसे स्वीकार कर नई तारीख तय की।
यह स्थगन राजनीतिक तनाव को उजागर करता है, जहां केंद्र की जांच शक्तियां राज्य सरकारों से टकरा रही हैं। 10 फरवरी का फैसला भविष्य की कार्रवाइयों को दिशा दे सकता है।