शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत-अमेरिका व्यापारिक सौदे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। नई दिल्ली से बातचीत में उन्होंने इसे असंतुलित करार देते हुए कहा कि अमेरिका को भले ही बड़ा लाभ हो, भारत अभी ‘विन-विन’ स्थिति में नहीं है। सौदे की आधिकारिक जानकारी न देने पर उन्होंने सरकार की आलोचना की, कहा कि ट्रंप के एक्स पोस्ट ही मुख्य स्रोत हैं।
ट्रंप का कहना है कि भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ 18 प्रतिशत हो गया, जो सकारात्मक है। मगर भारत ने यूएस सामानों के लिए सभी टैरिफ और नॉन-टैरिफ बाधाएं समाप्त कर दीं। चतुर्वेदी ने कहा, इससे हमारा बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए पूरी तरह खुलेगा, जो चिंताजनक है।
तेल खरीद में बदलाव भी चर्चा में हैं। भारत ने कथित रूप से रूस और ईरान से तेल कम करने, वेनेजुएला से लेने का वादा किया। अमेरिका से आयात बढ़ा, एलपीजी डील हुईं। चतुर्वेदी ने इसे अमेरिकी दबाव का नतीजा माना। कृषि और कोयला क्षेत्र खुलने से किसान प्रभावित होंगे।
रिपब्लिकन नेताओं के बयानों से साफ है कि कई क्षेत्रों में रियायतें दी गईं। टैरिफ राहत के बावजूद सौदा भारत के पक्ष में नहीं।
संसद में पूर्व आर्मी चीफ की किताब पर विवाद को चतुर्वेदी ने लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला कहा। किताब रोकी गई, राहुल गांधी को बोलने न दिया गया, कार्यवाही स्थगित हुई। मंत्रियों की प्रतिक्रिया से सच्चाई छिपाने की कोशिश साफ है। गलवान घटना पर जनता को पूरा सच मिलना चाहिए, इसे दबाना देशद्रोही कृत्य है।