4 फरवरी को फाल्गुन कृष्ण तृतीया और बुधवार का योग बनेगा, जो गणेश कृपा से ओतप्रोत होगा। नए प्रोजेक्ट, पढ़ाई या बिजनेस स्टार्टअप के लिए शुभ, पर राहुकाल आदि से सावधान।
पंचांग विवरण: तृतीया रात्रि 12:09 से 5 फरवरी सुबह तक। नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी रात 10:12 तक, फिर उत्तराफाल्गुनी। योग अतिगण्ड रात्रि 1:05 तक। करण वणिज 12:19 दोपहर तक, विष्टि बाद में। चंद्रमा सिंह में गोचर।
सूर्य उदय 7:08, अस्त 6:03। शुभावसर: ब्रह्म मुहूर्त 5:23-6:15, विजय 2:24-3:08, गोधूलि 6-6:26, अमृत 3:48-5:24—कार्यों हेतु आदर्श।
परिहर्य काल: राहु 12:35-1:57, यमगंड 8:30-9:51, गुलिक 11:13-12:35। इनसे दूरी रखें।
बुधवार पर विघ्नहर्ता गणेश व बुध पूजन: दूर्वा, रक्त वासंती, मोदक-लड्डू, पान भोग। जाप करें—गणपतये नमः, द्वादश नाम, नाशन स्तोत्र, अथर्वशीर्ष। सफलता सुनिश्चित।