नई दिल्ली में लोकसभा में तनाव चरम पर पहुंचा जब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। राष्ट्रपति अभिभाषण चर्चा में राहुल के पूर्व सैन्य प्रमुख की किताब उद्धृत करने से हंगामा हुआ, सदन तीन बार रुका।
रिजिजू ने जोर देकर कहा कि राहुल को पहले राष्ट्र से क्षमा मांग लेनी चाहिए। कांग्रेस शासनकाल में 1959 पूर्व और 1962 युद्ध में चीन को भारी क्षेत्र हाथ लग गया। बड़े घराने से होने का मतलब संसदीय नियमों से ऊपर होना नहीं।
राहुल ने चेयर के निर्देश न मानकर 30 मिनट बर्बाद किए। बिना प्रमाणित प्रकाशन से कोट कर नियम तोड़े। रिजिजू ने कहा कि ऐसा व्यवहार अभूतपूर्व है। कांग्रेस सीनियर तालियां पीट रहे थे, लेकिन राहुल को समझदारी दिखानी चाहिए।
चीन सीमा पर बोलने का राहुल को हक नहीं क्योंकि पार्टी के पापों का हिसाब है। रिजिजू ने अनुरोध किया कि राहुल अनुशासन सिखाएं और माफी मांगें। मोदी जी के नेतृत्व में सीमाओं पर मजबूत रुख।
यह विवाद संसद की कार्यप्रणाली और पुरानी भूलों को उजागर करता है, जहां विपक्ष और सत्ता के बीच टकराव तेज हो गया।