लोकसभा में गुरुवार को विपक्ष नेता राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला के नियमों को चुनौती देते हुए लद्दाख सीमा विवाद को उछाला। पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब के हवाले से उन्होंने कहा कि चीनी सेना बॉर्डर पार कर कैलाश रेंज में चार टैंक ले आई थी।
सदन में सत्ता पक्ष के विरोध से हंगामा फैल गया। राहुल ने जिद पकड़ ली और बोले, ‘बॉर्डर था, दुश्मन सेनाएं घुसपैठ कर रही थीं।’ राजनाथ सिंह ने पलटवार किया कि सच्ची किताब रोकी नहीं जा सकती, नरवणे कोर्ट जा सकते थे।
स्पीकर के हस्तक्षेप पर राहुल ने किताब का नाम हटाया लेकिन मुद्दा नहीं छोड़ा। उन्होंने स्पीकर से मार्गदर्शन मांगा। बिरला ने प्रक्रिया पर जोर दिया और सभी को समान नियम बताया। रिजिजू ने विपक्ष की अराजकता पर तंज कसा।
राहुल ने तर्क दिया कि संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा पर बोलना गलत कैसे? स्पीकर ने अभिभाषण की सीमा बताई। यह वाकया संसदीय बहस में पारदर्शिता की जरूरत उजागर करता है, खासकर बॉर्डर टकराव जैसे संवेदनशील विषयों पर। विपक्ष का यह रुख भविष्य की चर्चाओं को प्रभावित कर सकता है।