देहरादून की सड़कों पर कश्मीरी शॉल बेचने वालों पर हुए क्रूर हमले ने जम्मू-कश्मीर को झकझोर दिया। पीडीपी ने श्रीनगर में उग्र विरोध जताया तो स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने गृह मंत्रालय से न्याय की गुहार लगाई।
पीडीपी समर्थकों ने रविवार को श्रीनगर के पार्टी दफ्तर के सामने सड़क जाम कर नारेबाजी की। सारा नईमा ने भावुक होकर कहा, ‘कश्मीरी लड़के को सिर्फ नाम और धर्म की वजह से उत्तराखंड में लहूलुहान कर दिया गया।’
महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर तीखा प्रहार किया- शॉल बेचने वाले को कोड़े लगाए जाते रहे, कोई नहीं रुका, लेकिन पीडीपी का अहिंसक विरोध दबाने के लिए पुलिस का पूरा जुलूस। ‘कश्मीर में बंधक, बाहर हिंसा का शिकार- कश्मीरियों का क्या कसूर? क्या नए भारत में सांस लेना जुर्म है?’
दूसरी ओर, स्टूडेंट्स एसोसिएशन के नासिर खुएहामी ने अमित शाह को पत्र में विकास नगर हादसे का पूरा ब्यौरा दिया। सर्दियों में कमाई के लिए शॉल बेच रहे किशोर से पहचान जांची गई। कश्मीर मुस्लिम पाए जाने पर लोहे की छड़ों से हमला। हाथ टूटा, सिर फटा-13 टांके।
यह न सिर्फ अपराध, बल्कि पहचान की हिंसा है जो देश की एकता और संविधान को चुनौती देती है। जम्मू-कश्मीर में गूंजते विरोध के बीच पीड़ित की हालत चिंताजनक है। केंद्र का रुख तय करेगा कि ऐसी घटनाएं रुकेंगी या बढ़ेंगी। कश्मीरियों के लिए देशभर में सुरक्षा जरूरी।