तमिलनाडु की सियासत में हलचल तेज हो गई है। एमके स्टालिन की अगुवाई वाली डीएमके सरकार 2026-27 के अंतरिम बजट के जरिए महिलाओं को खुश करने का प्लान बांध रही है। 5 फरवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में सीएम स्वयं इसकी मंजूरी देंगे।
फरवरी के मध्य में विधानसभा में पेश होने वाले इस सत्र को 16वीं सभा का आखिरी मौका माना जा रहा है। चुनाव नजदीक होने से अंतरिम प्रावधान ही होंगे, विस्तृत बजट बाद में आएगा।
मुख्य आकर्षण ‘कलैगनार मगलीर उरिमाई थोगई थिट्टम’ योजना का विस्तार है। महिलाओं के लिए मासिक सहायता बढ़ाने के साथ नई सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं। पात्र महिलाओं की संख्या में भी इजाफा संभव है।
‘उंगा कनवा सोलुंगा’ जैसे जनसंपर्क कार्यक्रमों से प्राप्त फीडबैक घोषणाओं को दिशा देंगे। पूरे राज्य में चली इस मुहिम ने शासन की प्राथमिकताओं पर जनमत जाना।
डीएमके को सत्ता टिकाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ेगी। एआईएडीएमके-बीजेपी और टीवीके की चुनौती भारी है। महिलाओं पर फोकस से पार्टी को फायदा हो सकता है।
यह बजट न केवल कल्याणकारी है, बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा भी। देखना दिलचस्प होगा कि ये उपहार कितने वोट लाते हैं।