वैश्विक मंच पर भारत का परचम लहराया है। उत्तर प्रदेश के एटा में पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ छारी-ढांड को रामसर कन्वेंशन की सूची में शामिल किया गया। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की घोषणा से देश का रामसर नेटवर्क विस्तारित हो गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे पीएम मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण की सफलता बताया। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि यह उपलब्धि सतत विकास और जैव विविधता रक्षा के प्रति हमारी दृढ़ता को प्रमाणित करती है। सभी संबंधित पक्षों को बधाई।
दो फरवरी को मनाए जाने वाले विश्व वेटलैंड दिवस से पूर्व यह खबर पर्यावरण प्रेमियों के लिए उत्साहजनक है। पटना अभयारण्य पक्षी प्रजातियों का प्रमुख केंद्र है जबकि छारी-ढांड अद्वितीय आर्द्रभूमि है।
पीएम मोदी ने स्थानीय लोगों और संरक्षणकर्ताओं का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि ये साइट्स महत्वपूर्ण इकोसिस्टम की रक्षा करेंगी और अनगिनत प्रजातियों को आवास प्रदान करेंगी।
इस मान्यता से संरक्षण प्रयासों को गति मिलेगी। जल संकट, बाढ़ नियंत्रण और जैव विविधता संरक्षण में इनकी भूमिका अहम होगी। भारत सरकार की यह पहल देश को हरित विकास का मॉडल बनाती है।