असम के सियासी गलियारों से एक मार्मिक अपील उठी है। लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर दिवंगत जुबीन गर्ग को भारत रत्न देने की मांग की। गुवाहाटी दिनांक 30 जनवरी को लिखे इस पत्र में गोगोई ने गर्ग के सांस्कृतिक योगदान को रेखांकित किया।
पूर्वोत्तर के संगीत जगत के सितारे जुबीन गर्ग की विदेश यात्रा के दौरान हुई दुखद मृत्यु ने सबको स्तब्ध कर दिया। गोगोई ने इसे असम की सांस्कृतिक दुनिया में अपूरणीय क्षति बताया। उनके गीतों ने असमिया परंपराओं को आधुनिक लिबास दिया और वैश्विक मंच तक पहुंचाया।
गोगोई के पूर्व प्रयास उल्लेखनीय हैं। 3 दिसंबर 2025 को संसद में उन्होंने यह प्रस्ताव रखा। 4 दिसंबर को विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर घटना की जांच की मांग की।
प्रधानमंत्री को पत्र में गर्ग की असमिया भाषा, लोक धुनों और समसामयिक संगीत को लोकप्रिय बनाने की भूमिका पर बल दिया। पूर्वोत्तर की कलात्मक छवि को मजबूत करने में उनका हाथ था। उनके निधन पर विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएं राष्ट्रीय सम्मान की पुकार हैं।
गोगोई ने कहा कि भारत रत्न से गर्ग को वह सम्मान मिलेगा जो उनके कार्यों के अनुरूप है। यह कदम भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने वाले कलाकारों के लिए मिसाल बनेगा।