गांधीनगर से गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भादरण (आणंद) के समारोह में 2666 ग्राम पंचायत भवनों सह पटवारी आवासों का एकमुश्त ई-शिलान्यास कर ग्रामीण विकास को नई उड़ान दी। 663 करोड़ की इस योजना से गांव आत्मनिर्भर बनेंगे, जैसा पीएम मोदी चाहते हैं।
पटेल ने जोर देकर कहा कि गुजरात पीएम के 100 प्रतिशत कवरेज वाले दृष्टिकोण को साकार कर रहा है। सभी पंचायतों को अपना स्थायी भवन मिलेगा, सेवाओं का वितरण सरल होगा।
‘मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना’ की शुरुआत हुई, जिसमें 114 तहसीली गांवों (गैर-नगरपालिका) को शहरी स्तर की सुविधाएं—रोड, पानी, सफाई, सोलर स्ट्रीट लाइट, डिजिटल सेवाएं व हॉल—मिलेंगी।
भविष्य में 10,000+ जनसंख्या वाली पंचायतें शामिल होंगी, शहरों का बोझ घटेगा। पटेल ने मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना की, ग्रामीण विकास को प्राथमिकता बताई।
जल संचयन के लिए ‘कैच द रेन’ पर जोर, विधायकों को 50-50 लाख अनुदान। गाय-प्रधान जैविक खेती से मिट्टी सुधारने का संदेश दिया।
30 जनवरी को शहीदों व बापू को याद कर ग्राम स्वराज का महत्व रेखांकित किया। मंत्री ऋषिकेश पटेल ने भादरण सरपंच की प्रशंसा की, 10 हजार आधुनिक सचिवालयों की योजना बताई। गांधीजी का कथन ‘भारत की आत्मा गांवों में’ साकार होगा।