राम मंदिर अयोध्या सनातन धर्म का नया केंद्र बन चुका है और अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दर्शन की तैयारियां तेज हो रही हैं। निर्माण समिति चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को घोषणा की कि ट्रस्ट ने राष्ट्रपति को औपचारिक आमंत्रण दिया है तथा मार्च में उनका आगमन संभावित है।
पत्रकारों से चर्चा में मिश्रा ने कहा कि ट्रस्ट सदस्यों ने राष्ट्रपति भवन में जाकर निमंत्रण सौंपा। कोई आधिकारिक तिथि अभी तय नहीं, मगर अनौपचारिक सहमति मिल चुकी है। हम उनके व्यस्त कार्यक्रम में मार्च की कोई तारीख तय होने की अपेक्षा कर रहे हैं।
प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को धूमधाम से संपन्न हुई, जिसमें पीएम मोदी ने मूर्ति स्थापना की। 7 हजार गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में यह वैश्विक आयोजन बना।
उद्घाटन के बाद भक्तों की संख्या चरम पर पहुंची। अगले दिन ही 3 लाख श्रद्धालु राम लला दर्शन के लिए पहुंचे, बाकी उतने ही प्रतीक्षा में।
सांस्कृतिक मोर्चे पर, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की 400 साल पुरानी रामायण पांडुलिपि ट्रस्ट को सौंपी गई। पुरानी संस्कृत लिपि में लिखी यह राष्ट्रपति भवन से स्थानांतरित होकर मंदिर परिसर की रामायण गैलरी में रखी जाएगी।
ट्रस्ट प्राचीन रामायणों और विभिन्न भाषाओं के अनुवादों का संग्रह करेगा, जिससे अयोध्या सांस्कृतिक धरोहर का प्रमुख स्थल बनेगा। राष्ट्रपति का भ्रमण इसकी महत्ता को और बढ़ाएगा।