बारामती विमान दुर्घटना ने महाराष्ट्र को स्तब्ध कर दिया। 28 जनवरी को अजित पवार के साथ पिंकी माली की मौत ने उनके पिता शिवकुमार को तोड़ दिया। गुरुवार को उन्होंने कंपनी एमजीआर वेंचर्स की बेरुखी पर रोष जताया। परिवार को टीवी से ही बेटी के जाने की सूचना मिली।
‘कंपनी ने संपर्क नहीं किया। हम टीवी देखकर रो पड़े,’ शिवकुमार बोले। पिंकी ने आखिरी बार बताया था- बारामती के बाद नांदेड़, होटल से फोन। लेकिन लैंडिंग पर सब खत्म।
बारामती गए तो अकेलेपन ने घेर लिया। कोई मदद नहीं, खुद सब संभाला। ‘यह क्रूरता है। हादसे में कंपनी आगे आनी चाहिए थी,’ उन्होंने फरमाया।
मुंबई-बारामती 250 किमी का सफर, तेज उड़ान- लैंडिंग फेल क्यों? जांच हो। 1989 का अपना संघर्ष बेटी को सुनाया, जिसने कड़ी ट्रेनिंग से सफलता पाई। अब सच्चाई चाहिए।
पति सोमविकर ने कहा, ‘मानवीय स्पर्श चाहिए था, नहीं मिला।’ परिवार की यह लड़ाई कंपनियों को आईना दिखाती है। जांच से न सिर्फ हादसे का राज खुलेगा, बल्कि संवेदनशीलता भी लौटेगी।