लोक कल्याण मार्ग पर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई क्षेत्र के शीर्ष सीईओ व जानकारों से गहन संवाद किया। आगामी भारत एआई इम्पैक्ट समिट के संदर्भ में यह आयोजन सहयोग बढ़ाने, नवाचार दिखाने व एआई मिशन को त्वरित करने के उद्देश्य से हुआ।
नेताओं ने स्वदेशी एआई के संकल्प का समर्थन किया तथा सरकारी संसाधनों व नीतियों की सराहना की, जो भारत को वैश्विक पटल पर आगे ले जा रही हैं।
मोदी ने प्रौद्योगिकी को सभी क्षेत्रों में समाहित कर विकास को गति देने पर जोर दिया। महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देशी तकनीक अपनाने की सलाह दी।
समिट को प्रगति का मार्ग बताते हुए उन्होंने सभी को नए रास्ते तलाशने व तेजी से आगे बढ़ने का संदेश दिया। यूपीआई मॉडल का जिक्र कर एआई में भी वैश्विक सफलता की संभावना व्यक्त की।
भारत का विशालकाय आकार, सांस्कृतिक विविधता व लोकतांत्रिक व्यवस्था उसे डिजिटल विश्वास का केंद्र बनाती है। प्रधानमंत्री ने प्रभाव उत्पन्न करने के साथ वैश्विक प्रेरणा का लक्ष्य रखा व भारत को एआई हब बनाने को कहा।
चर्चा में डेटा संरक्षण व तकनीकी समावेशिता प्रमुख रहीं। पारदर्शी-सुरक्षित एआई इकोसिस्टम की जरूरत बताई। नैतिक उपयोग में कोई कमी न हो, कौशल व प्रतिभा निर्माण पर फोकस हो, तथा एआई राष्ट्र चरित्र को प्रतिबिंबित करे।
विप्रो, एचसीएल, एलटीआई माइंडट्री, नेटवेब, जियो, अकादमिक संस्थानों व आईटी मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।