भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने तमिलनाडु में डीएमके-कांग्रेस सीट शेयरिंग विवाद को निशाने पर लिया। कांग्रेस को डूबते जहाज की संज्ञा देते हुए कहा कि उसके सहयोगी हमेशा डूब जाते हैं।
पटना से बोलते हुए हुसैन ने स्पष्ट किया कि डीएमके अब कांग्रेस के साथ जाने से कतरा रही है। बिहार में आरजेडी का उदाहरण दिया, जहां कांग्रेस ने साथी को डुबो दिया।
तमिलनाडु में कांग्रेस की कोई पकड़ नहीं। राहुल गांधी के समर्थक भी न के बराबर। गठबंधन की राजनीति से ही सीटें मिलती हैं। डीएमके में इस पर बहस छिड़ी है।
कांग्रेस का चुनावी ग्राफ देखें तो महाराष्ट्र-गुजरात-हरियाणा में तीन हार, दिल्ली में खाता भी नहीं खुला, बिहार में नाममात्र जीत। क्रिकेट वाली बात की कि लगातार शून्य पर चलने वाले को कौन टीम में रखेगा?
डीएमके को चेताया कि अच्छे रणनीतिकार से सलाह लें, वरना सफाया तय। संसद में विपक्ष की गुंडागर्दी पर फटकार। राष्ट्रपति भाषण तक नहीं बचा। ‘जय श्री राम’ से कांग्रेस भड़क जाती है। ममता जैसी नेता सड़क पर उतर आती हैं। राजनीति का यह स्तर स्वीकार्य नहीं।