बजट सत्र आरंभ होते ही राष्ट्रपति के अभिभाषण ने विपक्ष को मौका दे दिया। बीजू जनता दल के दिग्गज सांसद सस्मित पात्रा ने इसे किसानों के प्रति घोर उदासीनता करार दिया। नई दिल्ली से उन्होंने केंद्र पर वास्तविक चुनौतियों से मुंह मोड़ने का इल्जाम लगाया।
‘अभिभाषण में किसानों का जिक्र न होना शॉकिंग है,’ पात्रा ने कहा। धान कटाई में भारी घाटा हो रहा है—प्रति क्विंटल सिर्फ 8-10 किलो उपज योग्य। ऊपर से मंडी न खुलना और खाद की किल्लत ने हालात और बिगाड़ दिए।
पात्रा का कहना था कि देश आज इन्हीं संकटों से जूझ रहा है, ऐसे में इनकी अनदेखी से बीजद बेहद निराश है। ओडिशा के किसान खास तौर पर प्रभावित हैं।
पात्रा ने ओडिशा का एक चिंताजनक सुरक्षा घटनाक्रम भी उजागर किया। सोशल मीडिया पर सुभाषिश खुंटिया को मारने की खुली धमकी वायरल हुई। ‘हमने पुलिस और सरकार को सूचित किया, लेकिन कई दिनों बाद भी चुप्पी,’ उन्होंने फटकार लगाई।
जननेताओं पर हमलों की ऐसी धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। त्वरित जांच और सजा जरूरी है।
सरकारें अभी चुप हैं, मगर संसदीय बहस में ये विषय जोर पकड़ेंगे। किसानों को न्याय और सुरक्षा के लिए बीजद लड़ाई जारी रखेगी। सत्र की गतिविधियां देशभर में सुर्खियां बटोरेंगी।