पश्चिम बंगाल में आरजी कर कांड ने फिर सुर्खियां बटोरीं। 9 अगस्त 2024 को कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर महिला की निर्मम हत्या के बाद उसके माता-पिता ने राजनीतिक दलों के प्रस्तावों को सिरे से खारिज कर दिया। चुनाव से पहले टीएमसी, भाजपा, सीपीएम सबने टिकट का लालच दिया, मगर परिवार ने कहा- न्याय पहले।
पत्रकारों से बातचीत में पिता ने कहा, ‘सभी दल आए। शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा की ओर से प्रस्ताव दिया, हमने मना किया। राजनीति में कदम नहीं रखेंगे।’ मां ने जोड़ा, ‘टीएमसी ने पैसे तक ऑफर किए। हम सिर्फ बेटी के हत्यारों को सजा चाहते हैं।’
कोलकाता पुलिस की जांच को सीबीआई ने समर्थन दिया। संजय राय को उम्रकैद मिली, लेकिन परिवार संतुष्ट नहीं। ‘अनुत्तरित सवाल बाकी हैं। साजिश के कोण खंगाले नहीं गए।’
चुनावी हलचल के बीच यह बयान बंगाल की कानून-व्यवस्था पर तंज कसता है। पीड़ित परिवार का साहसिक कदम महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर बहस छेड़ रहा है। राजनीति को इंसाफ के रास्ते से न भटकने की चेतावनी देता है।